प्यारे पेड़

 

प्यारे पेड़



सडक के दोनों ओर फलो के पेड़ है |  कोई आम का पेड़ है \ तो कोई जामुन का कोई अमरुद का तो कोई  शहतूत का  इन पेड़ो  पर चिड़ियाँ चहकती है \    गिलहरियाँ इठलाती है \कोयल  नीम की  डाल  पर बैठकर   मीठी तन सुनाती है | गिलहरियाँ डालियों पर चढ़ती –लुढ़कती  है | तोते फलो को कुतर –कुतर  कर फेंकते है | डालो पर चिड़ियाँ के घोसले है | स्कूल आते –जाते बच्चे  इन पेड़ो के फल खाते है | यहाँ माली  के डंडे का डर नहीं है \  कुछ शैतान बच्चे तो पेड़ पर चढ़ जाते है \ कुछ पत्थर मारकर फल तोड़ते है | कोई बच्चा बिना फल धोए ही खा लेता है |  सब बच्चो को इन पेड़ो से उतना ही प्यार है | जितना इन  पेड़ो की डालो  पर रहनेवाले  पंछियों को | एक दिन बच्चे स्कूल की छुटी के बाद घर लौट रहे थे उन्होंने देखा दो लकडहार जामुन के पेड़ के निचे खड़े थे चिडियों  की चूं-चूं से आकाश गूंज रहा था कोयल की दुःख भरी तान से गिलहरियाँ भी फुदक रही थी \  आस-पास के पेड़ो से पंछियों के रोने के आवाजे आ रही थी  बच्चो ने जब यह देखा की कुल्हाडियो को चलाने के लिए लकडहारे तैयार हें तब उन्होंने लकडहारे से कहा ये पेड़ हमें फल देते हें ठंडी छाया देते है \ बहुत सरे पंछियों का यह डेरा है | उन्हें मत काटो लकडहारे बोले हम काटेंगे  इनकी लकड़ियाँ बजार में बेचेंगे बच्चो ने उन्हें पेड़ काटने के लिए बहुत  मना किया लकडहारे अड़ गए | बच्चे गुस्से से लाल हो गए वे जामुन के पेड़ के तने पर चिपक गये \ बच्चे बोले इन पेड़ो को काटने  से पहले हमें काटो \ लकडहारो की

कुल्हाड़ियाँ निचे झुक गई | बच्चे बोले, हम जान देकर भी इन पेड़ो को बचाएँगे \ लकडहारे चुप चाप चल पड़े उनके जाते ही कोयल मीठी तान सुनाने लगी गिलहरियाँ फुदकने लगी चिड़ियाँ चहकने लगी\  

Post a Comment

0 Comments