लालची कुत्ता

 

लालची कुत्ता



एक गांव में एक कुत्ता रहता था | वह बहुत लालची था | वह भोजन की तलाश में यहाँ वहां भटकता रहता था लेकिन उसका पेट कभी नही भरता था |

                                                                                      एक दिन की बात हैं |, वो हमेशा की तरह खाने की तलाश में इधर – उधर भक्त रहा था | उसें कही भी भोजन नहीं मिला |अंत में उसे एक होटल के बहार एक मांस का टुकड़ा दिखाई दिया |उसने झट से उस टुकड़े को मुंह में पकड़ लिया और सोचा की कहीं एकांत में दूर जाकर इसे खा कर सके | वह उसे अकेले में बैठकर खाना चाहता था, इसलिए वह मांस का टुकड़ा लेकर वह से जल्दी – जल्दी भाग गया |वह कुत्ता एक नदी के पास जा कर पहुंचा | नदी के किनारे जाकर उसने पानी में झाँका |तो अचानक उसने अपनी परछाई नदी में देखी |वो समझ नही ओय की यह उसकी  ही परछाई है | उसे लगा की पानी में कोई दूसरा कुत्ता है, जिसके मुंह में भी मांस का टुकड़ा है | उसे लालची कुत्ते                                            (नीलू कुमारी)

Post a Comment

0 Comments